NIOS उच्चतर माध्यमिक (कक्षा 12) | हिंदी (301) | मॉडयूल - 3: कौशल-विकास (कार्यालय़ी हिंदी)
पाठ 21: टिप्पण और प्रारूपण
कार्यालय़ी पत्राचार की प्रमुख पद्धतियाँ, फाइल गठन, टिप्पण के प्रकार, प्रारूपण (DFA) एवं प्रशासनिक लेखन के सिद्धांत
पाठ्यपुस्तक आधारित विस्तृत नोट्स (~1980 शब्द) | लिखित परीक्षा हेतु विशेषपाठ संख्या: 21 | NIOS हिंदी (301)
अनुभाग 1: कार्यालयी हिंदी, टिप्पण (Noting) की अवधारणा एवं फाइल का गठन(पृष्ठ 91-93)
1.1 कार्यालयी हिंदी और टिप्पण की परिभाषा (Definition & Concept)
प्रशासन और सरकारी तंत्र को सुचारू रूप से चलाने के लिए जिस विशिष्ट, व्यवस्थित और मानकीकृत भाषा का प्रयोग किया जाता है, उसे कार्यालयी हिंदी (Office Hindi) कहते हैं। यह आम बोलचाल की भाषा का ही एक अनुशासित रूप है, जिसमें हिंदी, उर्दू और अंग्रेज़ी के प्रशासनिक शब्दों का एक साथ सुसंगत प्रयोग किया जाता है। व्यक्तिगत जीवन में मौखिक बातचीत से कार्य चल सकता है, किंतु शासन-प्रशासन और व्यवसाय में प्रत्येक निर्णय, आदेश और निर्देश का लिखित अभिलेख (Record) रखना अनिवार्य होता है।
'टिप्पण' (Noting) अंग्रेज़ी के शब्द 'Noting' का हिंदी पर्याय है। प्रशासनिक मामलों, आवतियों (आने वाले पत्रों) या शिकायतों पर विचार-विमर्श करने, नियमों का परीक्षण करने और कार्रवाई का सुझाव देने के उद्देश्य से फाइल पर लिखी जाने वाली राय या सम्मति को 'टिप्पण' कहा जाता है।
'टिप्पण' बनाम 'टिप्पणी' में अंतर: साहित्य या गद्यांशों की व्याख्या के प्रसंग में प्रयुक्त होने वाली 'टिप्पणी' किसी विषय पर अपने विचारों का संक्षिप्त व्यक्त करना है; जबकि प्रशासनिक 'टिप्पण' सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों और अधिकारियों के मध्य फाइल पर आपसी संवाद स्थापित करने की एक निश्चित प्रक्रिया है जो विशेष रूप से हरी नोटशीट पर लिखी जाती है।
1.2 फाइल का गठन (File Constitution)
सरकारी कार्यालयों में संपूर्ण कार्य कागजों के माध्यम से संचालित होता है। किसी एक विषय या व्यक्ति से संबंधित सभी कागजातों को एक स्थान पर सुरक्षित रखने की प्रणाली को फाइल (File) कहते हैं। प्रशासनिक दृष्टि से एक सरकारी फाइल के मुख्यतः दो भाग होते हैं:
1. टिप्पण भाग (Noting Part): यह भाग फाइल के बाईं ओर हाशियेदार हरी नोटशीट पर नत्थी किया जाता है। इसमें सहायक से लेकर उच्च अधिकारियों तक के विचार, तर्क, नियम और प्रशासनिक निर्णय दर्ज होते हैं।
2. पत्राचार भाग (Correspondence Part): यह फाइल के अंदर का भाग होता है, जिसमें बाहर से प्राप्त होने वाले मूल पत्र (आवती) तथा उनके उत्तरों की कार्यालय प्रतियाँ (Office Copies) सुरक्षित रखी जाती हैं।
अनुभाग 2: फाइल पर टिप्पण लिखने की प्रक्रिया एवं पदानुक्रम (Process & Hierarchy)(पृष्ठ 92-93, 96-98)
2.1 टिप्पण लेखन के चरण एवं सहायक की भूमिका
किसी भी आवती (पत्र) या मामले के कार्यालय में पहुँचते ही टिप्पण लेखन की प्रक्रिया आरंभ होती है। सहायक (Assistant) फाइल पर निम्नलिखित तीन चरणों में टिप्पण प्रस्तुत करता है:
पिछले कागज़-पत्रों का सार: मामले से संबंधित पूर्ववर्ती पत्राचार और पृष्ठ संख्या का विवरण।
विचाराधीन मुद्दों का विवरण: पत्र भेजने वाले की मूल माँग और उसके आधार की समीक्षा।
सरकारी नियमों की स्थिति एवं कार्रवाई का सुझाव: प्रचलित नियमों के आलोक में प्रस्ताव पर विधिक स्थिति स्पष्ट करते हुए अंतिम कार्रवाई या उत्तर का सुझाव देना।
टिप्पण लिखने के पश्चात् सहायक टिप्पण के नीचे बाईं ओर दिनांक के साथ अपने आद्यक्षर (Initials / छोटे हस्ताक्षर) करता है। आद्यक्षर का तात्पर्य नाम के प्रथम अक्षरों से है (जैसे: विजय शंकर का 'वि.श.')।
2.2 प्रशासनिक पदानुक्रम एवं अनुमोदन प्रक्रिया (Approval Hierarchy)
सहायक द्वारा टिप्पण लिखने के बाद फाइल आगे के अधिकारियों को प्रेषित की जाती है:
अनुभाग अधिकारी / अधीक्षक (Section Officer / Superintendent): यदि अधिकारी सहायक के सुझाव से सहमत होता है, तो वह उत्तर का मसौदा (Draft) प्रस्तुत करने का आदेश देता है और बाईं ओर हस्ताक्षर करता है। यदि असहमत हो, तो वह अपने स्वतंत्र सुझाव जोड़कर फाइल उच्च अधिकारी (अवर सचिव / उपनिदेशक) के पास भेजता है।
उच्च अधिकारी (Under Secretary / Deputy Secretary): नीतिगत मामलों पर सक्षम प्राधिकारी द्वारा अंतिम निर्णय लिया जाता है। सहमति मिलने पर अधिकारी टिप्पण के दाईं ओर पूरे हस्ताक्षर करता है और फाइल वापस अनुभाग में लौटती है।
महत्वपूर्ण नियम: सामान्य रूटीन (नेमी) मामलों को अनुभाग अधिकारी अपने स्तर पर निपटा लेता है, जबकि नीतिगत और वित्तीय मामलों में उच्च अधिकारियों का अनुमोदन अनिवार्य होता है।
अनुभाग 3: टिप्पण के प्रकार एवं नेमी व नियमित टिप्पण का स्वरूप(पृष्ठ 94-98)
3.1 टिप्पण के मुख्य प्रकार (Types of Noting)
कार्यालयों की प्रशासनिक आवश्यकता के अनुसार टिप्पण मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं:
1. नेमी टिप्पण (Routine Noting): सामयिक और रोजमर्रा के सामान्य कार्यों को निपटाने के लिए लिखे जाने वाले अत्यंत संक्षिप्त टिप्पण (जैसे: 'अनुमोदन के लिए प्रस्तुत है', 'प्रस्ताव स्वीकार किया जा सकता है')। इनसे लंबी चर्चा से बचा जाता है और निर्णयत्व त्वरित होता है।
2. अन्य नियमित टिप्पण (Regular Noting): यह प्रशासनिक मामलों, शिकायतों या नीतिगत विषयों पर विस्तृत रूप से लिखा जाता है। इसके दो उप-भाग हैं:
*अंतराविभागीय टिप्पण:* एक ही विभाग के भीतर आंतरिक प्रयोग हेतु (सहायक स्तर तथा अधिकारी स्तर)।
*अंतर्विभागीय टिप्पण:* दो अलग-अलग विभागों या मंत्रालयों के मध्य पत्राचार हेतु।
3.2 नियमित टिप्पण लेखन की मुख्य हिदायतें (Guidelines)
प्रशासनिक टिप्पण लिखते समय निम्नलिखित नियमों का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य है:
भाषा पूर्णतः संयत, शिष्ट, स्पष्ट और तथ्यात्मक होनी चाहिए।
व्यक्तिगत आक्षेपों (Personal Remarks) से सर्वथा बचना चाहिए।
उत्तम पुरुष (मैं, हम) या मध्यम पुरुष (आप) के स्थान पर सदैव अन्य पुरुष (Third Person) शैली का प्रयोग किया जाना चाहिए।
एक ही बात को बार-बार दोहराने से बचना चाहिए तथा मामलों को तार्किक अनुच्छेदों में विभाजित करना चाहिए।
टिप्पण के अंत में दिनांक सहित हस्ताक्षर या आद्यक्षर अवश्य होने चाहिए।
4.1 प्रारूपण की परिभाषा एवं प्रयोजन (Definition & Purpose of Drafting)
कार्यालयों में पत्राचार केवल मौखिक नहीं होता, बल्कि लिखित आदेशों और पत्रों के माध्यम से होता है। 'प्रारूपण' (Drafting) का तात्पर्य है—"किसी भी सरकारी पत्र के उत्तर का एक कच्चा रूप (Draft / Masoda) तैयार करना।"
जब किसी आवती पर सहायक या अधिकारी द्वारा टिप्पण लिखकर समाधान तय कर लिया जाता है, तब बाह्य कार्यालय या व्यक्ति को भेजने के लिए पत्र का एक संभावित कच्चा रूप तैयार किया जाता है। उच्च अधिकारी द्वारा अनुमोदित होने से पूर्व इसे प्रारूप कहा जाता है, और अनुमोदन (Approval) के पश्चात् यही प्रारूप एक अंतिम सरकारी पत्र का रूप ले लेता है। अंग्रेज़ी में इसे DFA (Draft for Approval - अनुमोदनार्थ प्रारूप) कहा जाता है।
4.2 एक आदर्श प्रारूप की 5 प्रमुख विशेषताएँ
सरकारी कामकाज में प्रारूपण करते समय निम्नलिखित पाँच बातों का होना अनिवार्य है:
1. पूर्णता एवं विषय-केंद्रितता: प्रारूप अपने आप में पूर्ण होना चाहिए तथा मूल विषय से पूरी तरह संबंधित होना चाहिए।
2. क्रमबद्धता एवं संक्षिप्तता: विचारों को तर्कसंगत क्रम में संक्षिप्त रूप में प्रस्तुत किया जाना चाहिए; संदर्भहीन बातों का कोई स्थान नहीं होता।
3. शुद्धता एवं तथ्यात्मकता: प्रशासनिक पत्राचार में एक छोटी-सी भूल भी बहुत महँगी पड़ सकती है, अतः तथ्य और आँकड़े पूर्णतः शुद्ध होने चाहिए।
4. शिष्ट एवं स्पष्ट भाषा: भाषा पक्षपात-मुक्त, अत्यंत शिष्ट, स्पष्ट, सरल और सहज होनी चाहिए।
5. औपचारिकताएँ: इसमें सरकारी पत्र की सभी औपचारिकताएँ (जैसे- शीर्षक, पत्र संख्या, दिनांक, प्रेषक, प्रेषिती, विषय, संदर्भ, संबोधन, मुख्य कथ्य, स्वनिर्देश, हस्ताक्षर और पृष्ठांकन) विधिवत शामिल होनी चाहिए।
टिप्पण और प्रारूपण में मुख्य अंतर: टिप्पण फाइल के भीतर अधिकारियों के बीच आंतरिक विचार-विमर्श और निर्णय का लिखित दस्तावेज है, जबकि प्रारूपण उसी निर्णय को बाहरी संस्था या व्यक्ति को भेजने के लिए पत्र के रूप में तैयार करने की पूर्व-तैयारी है।
प्रक्रिया 1: सरकारी फाइल पर 'टिप्पण से अनुमोदन और प्रारूपण' तक की चरणबद्ध प्रक्रियाइंटरैक्टिव फ्लोचार्ट
कार्यालय में आवती प्राप्ति से लेकर टिप्पण, अनुमोदन और प्रारूपण (DFA) तैयार होने तक का प्रशासनिक चक्र:
1
चरण 1: आवती प्राप्ति एवं फाइल गठन
बाहर से प्राप्त पत्र (आवती) को फाइल के 'पत्राचार भाग' में नत्थी करना तथा 'टिप्पण भाग' (हरी नोटशीट) पर मामले का विवरण दर्ज करना।
2
चरण 2: सहायक द्वारा टिप्पण लेखन
सहायक द्वारा पूर्ववर्ती कागजों का सार, नियमों की स्थिति और कार्रवाई के सुझाव लिखकर बाईं ओर दिनांक सहित अपने 'आद्यक्षर' (Initials) करना।
3
चरण 3: अनुभाग अधिकारी (SO) द्वारा परीक्षण
अधिकारी द्वारा टिप्पण की जाँच करना। रूटीन मामलों में स्वयं आदेश देना या असहमत होने पर अपने स्वतंत्र सुझाव जोड़कर उच्च अधिकारी को भेजना।
4
चरण 4: सक्षम प्राधिकारी द्वारा अनुमोदन (Approval)
सक्षम प्राधिकारी (अवर सचिव / उपनिदेशक) द्वारा प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय लेना तथा टिप्पण के दाईं ओर अपने पूरे हस्ताक्षर करना।
5
चरण 5: प्रारूपण (Drafting / DFA) तैयार करना
अनुमोदित निर्णय के आधार पर पत्र का कच्चा रूप (Draft) टंकित करके उच्च अधिकारी के समक्ष 'अनुमोदनार्थ प्रारूप' (DFA) प्रस्तुत करना।
किसी प्रशासनिक मामले पर फाइल पर राय, सम्मति या कार्रवाई का सुझाव लिखना।
अनुमोदित निर्णय के आधार पर बाहरी व्यक्ति या कार्यालय को भेजने हेतु पत्र का कच्चा रूप तैयार करना।
फाइल में स्थिति
यह फाइल के बाईं ओर हाशियेदार हरी नोटशीट पर लिखा जाता है।
यह मुख्य फाइल के साथ संलग्न टंकित रूप में (DFA) प्रस्तुत किया जाता है।
संवाद का उद्देश्य
कार्यालय के भीतर अधिकारियों और कर्मचारियों के मध्य आंतरिक संवाद।
कार्यालय से बाहर किसी अन्य विभाग, संस्था या आम नागरिक के साथ पत्राचार।
हस्ताक्षर का स्थान
टिप्पण लिखने वाले के आद्यक्षर या हस्ताक्षर बाईं ओर होते हैं।
यह अनुमोदन के बाद अंतिम पत्र बनता है जिस पर प्रेषक के हस्ताक्षर दाईं ओर होते हैं।
भाषा शैली
विश्लेषणात्मक, नियम-आधारित तथा अन्य पुरुष शैली में।
औपचारिक, शिष्ट, तथ्यात्मक, स्पष्ट तथा निर्धारित पत्र-प्रारूप के अनुसार।
सारणी 2: टिप्पण के विभिन्न प्रकार एवं उनका प्रशासनिक प्रयोजन(पाठ्यपुस्तक पृष्ठ 94-95 संदर्भ)
क्र.सं.
टिप्पण का प्रकार
उप-प्रकार / स्तर
प्रयोजन एवं उपयोगिता
1
नेमी टिप्पण (Routine Noting)
सामयिक एवं दैनिक
रोजमर्रा के सामान्य मामलों को तुरंत निपटाना (जैसे: 'अनुमोदनार्थ प्रस्तुत है')। लंबी चर्चा से बचाव।
2
अंतराविभागीय टिप्पण
सहायक स्तर (Assistant Level)
किसी आवती या पत्र पर सहायक द्वारा नियमों की जाँच कर प्राथमिक सुझाव देना।
3
अंतराविभागीय टिप्पण
अधिकारी स्तर (Officer Level)
अनुभाग या कार्यालय के आंतरिक कार्यों हेतु अधिकारी द्वारा स्वतंत्र रूप से लिखा गया विमर्श।
4
अंतर्विभागीय टिप्पण
विभागों के मध्य
दो अलग-अलग सरकारी विभागों या मंत्रालयों के बीच प्रशासनिक मामलों पर आपसी समन्वय हेतु।
सारणी 3: कार्यालयी शब्दावली एवं उनके आधिकारिक प्रशासनिक अर्थ
क्र.सं.
कार्यालयी शब्द
मूल भाषा / संदर्भ
प्रशासनिक अर्थ एवं परिभाषा
1
आवती (Receipt)
हिंदी प्रशासनिक
बाहर से डाक या कार्यालय में प्राप्त होने वाला मूल पत्र या आवेदन।
2
आद्यक्षर (Initials)
हिंदी प्रशासनिक
छोटे हस्ताक्षर, जिसमें नाम के प्रथम अक्षर लिखे जाते हैं (जैसे विजय शंकर का 'वि.श.')।
3
मसौदा / प्रारूप (Draft)
हिंदी / प्रारूपण
किसी सरकारी पत्र का कच्चा रूप, जिसे अनुमोदन के बाद पत्र बनाया जाता है।
4
DFA (Draft for Approval)
अंग्रेज़ी कार्यालयी
अनुमोदनार्थ प्रस्तुत प्रारूप, जिस पर उच्च अधिकारी सुधार या स्वीकृति देता है।
5
पृष्ठांकन (Endorsement)
हिंदी प्रशासनिक
पत्र की प्रतिलिपि आवश्यक सूचना या कार्रवाई हेतु अन्य संबंधित अधिकारियों को भेजना।
उच्च अंक प्राप्ति हेतु 5 स्वर्णिम नियम (Golden Rules)
पाठ्यपुस्तक के सिद्धांतों पर आधारित ये 5 बिंदु परीक्षा के विश्लेषणात्मक व व्याख्यात्मक प्रश्नों में पूरे अंक सुनिश्चित करते हैं:
नियम 1: 'टिप्पण' और 'टिप्पणी' का मौलिक अंतर
साहित्यिक व्याख्या के प्रसंग में प्रयुक्त 'टिप्पणी' किसी विषय पर विचार व्यक्त करने का संक्षिप्त रूप है; जबकि प्रशासनिक 'टिप्पण' (Noting) सरकारी कार्यालयों में फाइल पर कर्मचारियों और अधिकारियों के मध्य संवाद की एक निश्चित प्रक्रिया है जो विशेष रूप से हरी नोटशीट पर लिखी जाती है।
⚠️ परीक्षार्थी की सामान्य भूल: परीक्षा में दोनों शब्दों को एक ही मान लेना; उत्तर में प्रशासनिक 'टिप्पण' और साहित्यिक 'टिप्पणी' का भेद स्पष्ट करना अनिवार्य है।
नियम 2: फाइल के दो भागों की सही संरचना
सरकारी फाइल के मुख्य रूप से दो भाग होते हैं: (1) टिप्पण भाग, जो फाइल के बाईं ओर हाशियेदार हरी नोटशीट पर नत्थी होता है, और (2) पत्राचार भाग, जिसमें बाहर से प्राप्त मूल पत्र (आवती) तथा कार्यालयीय प्रतियाँ सुरक्षित रखी जाती हैं।
⚠️ परीक्षार्थी की सामान्य भूल: आवती या पत्राचार को टिप्पण भाग में रख देना; पत्राचार भाग फाइल के अंदर और टिप्पण भाग बाईं ओर नोटशीट पर रहता है।
नियम 3: हस्ताक्षर और आद्यक्षर (Initials) का सही प्रयोग
सहायक जब टिप्पण लिखता है, तो वह बाईं ओर दिनांक के साथ अपने 'आद्यक्षर' (छोटे हस्ताक्षर, जैसे नाम के प्रथम अक्षर) करता है। इसके विपरीत, सक्षम उच्च अधिकारी जब नीतिगत निर्णय पर पूर्ण स्वीकृति देता है, तो वह टिप्पण के दाईं ओर अपने पूरे हस्ताक्षर करता है।
⚠️ परीक्षार्थी की सामान्य भूल: सहायक द्वारा पूरे हस्ताक्षर करना या अधिकारी द्वारा आद्यक्षर करना; पदानुक्रम के अनुसार बाईं ओर आद्यक्षर और दाईं ओर पूर्ण हस्ताक्षर का नियम है।
नियम 4: टिप्पण लेखन में 'अन्य पुरुष' शैली की अनिवार्यता
कार्यालयी टिप्पण लिखते समय कभी भी उत्तम पुरुष (मैं, हम) या मध्यम पुरुष (आप) का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए। प्रशासनिक भाषा तटस्थ और वस्तुनिष्ठ होती है, अतः इसमें सदैव अन्य पुरुष (Third Person) शैली का ही प्रयोग होता है।
⚠️ परीक्षार्थी की सामान्य भूल: टिप्पण में "मैंने पत्र देख लिया है" या "हम संस्तुति करते हैं" लिखना; इसके स्थान पर "प्रस्तुत मामले में यह संस्तुति की जाती है कि..." लिखना उचित है।
नियम 5: प्रारूपण (Drafting) और DFA का प्रशासनिक महत्व
प्रारूपण का अर्थ पत्र का कच्चा रूप तैयार करना है। उच्च अधिकारी द्वारा अनुमोदित होने से पूर्व इसे 'अनुमोदनार्थ प्रारूप' (Draft for Approval - DFA) कहा जाता है। अधिकारी के अनुमोदन के पश्चात् ही यह कच्चा रूप एक आधिकारिक सरकारी पत्र का रूप ग्रहण करता है।
⚠️ परीक्षार्थी की सामान्य भूल: प्रारूप को सीधे पत्र मान लेना; अनुमोदन (Approval) के पूर्व यह केवल एक कच्चा मसौदा (Draft) होता है।
पाठ 21: स्व-मूल्यांकन वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तरी
पाठ्यपुस्तक के पाठांत व बोध प्रश्नों पर आधारित 10 अनिवार्य सैद्धांतिक प्रश्न
अंक: 0 / 10
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पारिभाषिक पद / अवधारणा
टिप्पण (Noting)
[कार्यालयी हिंदी]
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सैद्धांतिक परिभाषा / अर्थ
प्रशासनिक मामलों या आवतियों पर कार्रवाई करने के उद्देश्य से फाइल की हरी नोटशीट पर लिखी जाने वाली राय या सम्मति।